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ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) में टॉयलेट: नुकसान और अचूक उपाय

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ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) में टॉयलेट: नुकसान और अचूक उपाय

 
  1. वास्तु शास्त्र में उत्तर-पूर्व दिशा (ईशान कोण) को सभी दिशाओं में सबसे पवित्र और पूजनीय माना गया है।
  2. इस दिशा के मुख्य देवता भगवान शिव हैं और इसके स्वामी ग्रह बृहस्पति (गुरु) माने जाते हैं।
  3. वास्तु पुरुष का मस्तिष्क और सिर इसी दिशा में स्थित होता है, इसलिए इसे सबसे हल्का और साफ रखना जरूरी है।
  4. ईशान कोण में टॉयलेट (शौचालय) का होना वास्तु शास्त्र का सबसे गंभीर और बड़ा दोष माना जाता है।
  5. इस पवित्र कोने में टॉयलेट होने से घर में प्रवेश करने वाली सकारात्मक और दैवीय ऊर्जा दूषित हो जाती है।
  6. यह दोष सीधे तौर पर घर के सदस्यों के मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करता है, जिससे बेवजह का तनाव और डिप्रेशन बढ़ता है।
  7. निर्णय लेने की क्षमता (Decision Making) कमजोर होती है और परिवार में हमेशा भ्रम की स्थिति बनी रहती है।
  8. इस दिशा में गंदगी या शौचालय होने से आर्थिक प्रगति रुक जाती है और धन का संचय नहीं हो पाता।
  9. व्यापार और करियर में अचानक बड़े नुकसान या रुकावटें आने की संभावना बढ़ जाती है।
  10. घर के बड़े बेटे और बच्चों की शिक्षा पर इसका सबसे ज्यादा नकारात्मक और बुरा प्रभाव पड़ता है।
  11. परिवार के सदस्यों को सिरदर्द, माइग्रेन या न्यूरोलॉजिकल समस्याएं होने का खतरा बना रहता है।
  12. इस वास्तु दोष का सबसे पहला और सर्वोत्तम उपाय यह है कि इस शौचालय को यहाँ से पूरी तरह हटा दिया जाए
  13. यदि तोड़-फोड़ करना संभव न हो, तो शौचालय के अंदर एक कांच के बाउल में खड़ा समुद्री नमक (Rock Salt) भरकर रखें।
  14. इस नमक को हर हफ्ते शनिवार के दिन बदलें और पुराने नमक को टॉयलेट में ही फ्लश (Flush) कर दें
  15. बाथरूम की दीवारों और टाइल्स के लिए हल्के नीले (Light Blue) या सफेद रंग का ही चुनाव करें।
  16. टॉयलेट की सीट (कमोड) के चारों तरफ फर्श पर पीले रंग की वास्तु टेप या ब्रास/तांबे की पट्टी लगाएं।
  17. टॉयलेट की नकारात्मक ऊर्जा को बांधने के लिए उसकी बाहरी दीवार पर जिंक हेलिक्स (Zinc Helix) या वास्तु पिरामिड लगाएं।
  18. टॉयलेट का उपयोग करने के बाद उसका दरवाजा और कमोड का लिड (Lid) हमेशा अनिवार्य रूप से बंद रखें।
  19. इस कोने के भारीपन को कम करने के लिए शौचालय के अंदर इनडोर प्लांट्स (जैसे स्नेक प्लांट या स्पाइडर प्लांट) रखें जो हवा को शुद्ध करते हैं।
  20. ईशान कोण के टॉयलेट में कभी भी अंधेरा या सीलन न रहने दें, इसे हमेशा सूखा, साफ और कपूर (Camphor) जलाकर सुवासित रखें।