क्या होता है अंगारक योग?
क्या होता है अंगारक योग?
ज्योतिष के अनुसार, जब कुंडली में मंगल महाराज और राहु देव दोनों ग्रह एक साथ एक राशि में स्थित होते हैं, उस समय अंगारक योग बनता है। हमें इसके नाम से ही पता चल रहा है कि अंगारक योग यानी कि अंगार वाला योग, इसलिए अंगारक योग के नकारात्मक प्रभावों के बारे में जानना भी बेहद आवश्यक हो जाता है जैसे कि यह जातक को किस तरह से हानि पहुंचाता है, कुंडली के किस भाव में यह योग बन रहा है और आपके जीवन को कैसे प्रभावित करेगा।
बता दें कि अंगारक योग कुछ भाव में सकारात्मक परिणाम देता है। हालांकि, अंगारक योग होने पर व्यक्ति को गुस्सा बहुत ज्यादा आता है और राहु उनके गुस्से को बढ़ाकर हिंसक काम करवाता है। साथ ही, इस योग में आग लगने जैसी घटनाएं भी होती हैं। व्यक्ति का मन गैर कानूनी कामों में लगने लगता है। जहां मंगल मनुष्य के क्रोध में वृद्धि करता है, तो वहीं, राहु इंसान को इमेजिनेशन करने वाला बनाता है। इसके परिणामस्वरूप, ऐसा व्यक्ति सोचता कुछ है और उसके साथ होता कुछ है।
इन अचूक उपायों से दूर होंगे अंगारक योग के दुष्प्रभाव
अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में अंगारक योग होता है, तो उन्हें अंगारक योग पूजा करने की सलाह दी जाती है।
संभव हो, तो वर्ष में एक या दो बार व्यक्ति को रक्तदान करना चाहिए।
रोज़ाना हनुमान चालीसा का पाठ करें। साथ ही, मंगलवार और शनिवार के दिन सुंदर कांड का पाठ करना चाहिए।
हर मंगलवार और शनिवार के दिन हनुमान मंदिर जाएं।
एक पानी से भरा हुआ नारियल लें और भगवान हनुमान की प्रतिमा के सामने उस नारियल को फोड़ें, फिर भगवान को चढ़ाएं।
