आपकी वृष राशि का फल
सौरमंड़ल की यह दूसरी राशि है। जो कि वृष राशि के नाम से जानी जाती है। अंग्रेजी में इस को टारस के नाम से जानी जाती है। इस राशि का स्वामी शुक्र ग्रह है वह दिन शुक्रवार है। यह राशि बैल की आकृति वाली सेवा व आज्ञाकारिता की प्रतीक है यह हस्व शरीर श्वेत, वर्ण, स्त्री जाति युवावस्था, पृथ्वी तत्व, स्थिर संज्ञक, सौभ्य व वात प्रकृति, दक्षिण दिया की स्वामिनी, रात्रि बली, मध्यम संस्थी, प्रष्ठोदयी, शांत स्वभाव दृढ़ शरीर, वैश्य जाति, सम राशि है। यह स्वार्थी व सूझबूझ से कार्य करने वाली सांसारिक कार्यों में दक्ष होती होती है। इस राशि का रत्न हीरा है वह धातु सोना है। इस राशि में भग्यांक 6 है।
इस राशि में कृतिका नक्षत्र के तीन चरण हैं। जिनका स्वामी सूर्य है। रोहिणी नक्षत्र के चारों चरण आते हैं, जिनका स्वामी चन्द्र हैं और मार्गशीष नक्षत्र के दो चरण आते हैं, जिनका स्वामी मंगल है। इस राशि के नाम अक्षर इ-उ-ए-ओ-वा-वी-वू-वे-वों आते हैं जिनसे अपने नाम का प्रथम अक्सर शुरू होता है।
वृष राशि के लोग शांत, धैर्य वाले मेहनती व हर वक्त कार्य में लगे रहने वाले होते हैं। उन्हे जल्दी से क्रोध नहीं आता लेकिन यदि आ जाए तो तब तक शांत नहीं होता हालात उनके अनुसार न हो जाएं। ये लोग पैसा जोड़ते रहते। उम्र के साथ-साथ इनकी जायदाद बढ़ती जाती है। लेकिन लड़ाई-झगड़ों में इनकी धन हानि होती रहती है। इन्हे पैतृक सम्पति या अक्समात धन प्राप्ति से भी लाभ होता है। ये किसी को बिना बताए अपने लक्ष्य की प्राप्ति में लगे रहते हैं, जब तक जीत हासिल न हो जाए। ये अपने मुलाजिमों की छोटी-मोटी गल्तियां माफ कर देते हैं। ये स्वंय हर काम को सुचारू ढंग से करते हैं। ये लोग घूम फिर कर काम करने की बजाए एक जगंह बैठ कर काम करते हैं। इस राशि की स्त्रीयां मिलनसार होती है। लेकिन किसी के साथ सम्बन्ध नहीं बढ़ाती शादी के बाद वे एक विश्वास काबिल पत्नी/पति साबित होती है। सुदंर घर व स्वादिष्ट भोजन के शौकीन होते हैं। लोग कुछ पुरातन विचारों वाले व जोखि़म न उठाने वाले होते हैं। इन्हे अक्समात धन प्राप्ति से भी लाभ होता है। ये किसी को बिना बताए अपने लक्ष्य की प्राप्ति में लगे रहते हैं, जब तक जीत हासिल न हो जाए। आप अपनी राशि के मुताबिक राशि से सम्बंधित इत्र व Perfume की सुगंध का अपने उपर इस्तेमाल करके आप अपने भाग्य को उज्जवल बना पाएगें व अपनी चिंतायों से मुक्ति प्राप्त करेगें। आपकी राशि वृष होने पर आपके लिए लिली व गुलाब की सुगंध वाला इत्र व Perfume ज्यादा बेहतर इसे आप खास तौर से प्रतियोगिता परीक्षा देने , साक्षात्कार देने , मुक्दमे व यात्रा के समय पर प्रयोग कर अश्चर्य जनक लाभ प्राप्त कर सकते है।
भृगु(शुक्र) स्तुति
दैत्यमन्त्री गुरूस्तेषां प्रणवश्रव महाद्युतिः।
प्रभुस्ताराग्राहाणां च पीडां दहतु मे भृगुः।।
जपनीय बीज मन्त्रः- ऊँ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः
शुक्र मन्त्रः- ऊँ वस्त्रं मे देहि शुक्राय नमः
जपनीय वृष राशि मन्त्रः- ऊँ गोपालाय उत्तर ध्वजाय नमः
इस राशि का लक्ष्मी मन्त्रः- ऊँ ऐं क्लीं श्री
आपकी वृष राशि है
मिथुन राशि वाले मनुष्य व शहर आप के धन के लिए शुभ है।
कन्या राशि वाले मनुष्य व शहर आप के मानसिक शान्ति के लिए शुभ है।
मकर राशि वाले मनुष्य व शहर आप के भाग्य के लिए शुभ है।
कुम्भ राशि वाले मनुष्य व शहर आप के व्यवसाय के लिए शुभ है।
मीन राशि वाले मनुष्य व शहर आप के लाभ के लिए शुभ है।
