आपकी कन्या राशि का फल
सोरमंडल की यह छठी राशि है। जो कि कन्या राशि के नाम से जानी जाती है। अंग्रेजी में इसे विरगो कहते हैं। इस राशि का स्वामी बुध ग्रह है व दिन बुधवार है। इसका रूप एक हाथ में धान्य व दुसरे हाथ में दीपक लिए एक कुआरीं कन्या जैसा है। यह कोमल, सभ्य, चंचल व शांत, द्विश्वभाव वाली, बाल्यवस्था, विविध वर्णा, सल्वगुणी, पृथ्वी तत्व युक्त,दिन वाली, वात प्रकृति वाली, शार्षोदय, समराशि है। यह कृष्काय, अल्प संतति, दक्षिण की स्वामिनी, हरे-भरे खेतों बगीचों, युगल-क्रीड़ाक्षेत्रों पर विचरण करने वाली है। यह अपनी उन्नति के प्रतिपूर्ण सजन रहती है। इसका रत्न पन्ना है व धातु सोना है। इसका भाग्यांक 6 है।
इस राशि में उ. फाल्गुणी नक्षत्र के तीन चरण आते हैं। जिनका स्वामी सूर्य है। हस्त नक्षत्र के चारों चरण आते हैं। जिनका स्वामी चन्द्र है। चित्रा नक्षत्र के दो चरण आते हैं। जिनका स्वामी मंगल है। इनके नाम अक्षर टो-प-पी-पू-ष-ण-ठ-पे-पो आते हैं। जिनसे आपके नाम का प्रथम अक्षर शुरू होता है।
कन्या राशि के लोग लज्जाशील व भीड़-भाड़ से दूर रहना पसंद करते हैं। ये मेलजोल व पार्टी में भी अलग-अलग रहना पसंद करते हैं। इन्हे हर चीज़ को देखने परखने व नुक्ताचीनी करने की आदत होती है। ये व्यक्तियों के साथ भी कुछ ऐसा व्यवहार करते हैं। ये किसी भी तरह का सम्बन्ध स्थापित करने से पहले उस व्यक्ति के बारे में पूरी तरह सोच विचार करते हैं। इनमें अच्छे-बुरे को परखने का गुण होता है। ये हर वक्त किसी सोच में डूबे रहते हैं। ये जल्दी से प्रेम आदि के चक्कर में नहीं पडते। क्योकि ये साफ-सुथरा सादा सुन्दर-शर्मीला व साधारण सा साथी पसंद करते हैं। ये शादी के बाद बहुत वफादार होते हैं। इस राशि की लड़किया बहुत शर्माकाल होती है व घरेलू किस्म की होती है। ये लोग खुले, हवादार व शांत वातावरण में रहना पसंद करते हैं। आप अपनी राशि के मुताबिक राशि से सम्बंधित इत्र व Perfume की सुगंध का अपने उपर इस्तेमाल करके आप अपने भाग्य को उज्जवल बना पाएगें व अपनी चिंतायों से मुक्ति प्राप्त करेगें। आपकी राशि कन्या होने पर आपके लिए चमेली की सुगंध वाला इत्र व Perfume ज्यादा बेहतर इसे आप खास तौर से प्रतियोगिता परीक्षा देने , साक्षात्कार देने , मुक्दमे व यात्रा के समय पर प्रयोग कर अश्चर्य जनक लाभ प्राप्त कर सकते है।
बुध स्तुति
उत्पादरूपी जगतां चन्द्रपुत्रो महाद्युतिः।
सूर्यप्रियकरो विद्वान् पीड़ां दहतु मे बुधः।।
जपनीय बीज मन्त्रः- ऊँ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः
बुध मन्त्रः- ऊँ ह्रां क्रों ड ग्रहानाथाय बुधाय स्वाहा
जपनीय कन्या राशि मन्त्रः- ऊँ नमो प्रीं पीताम्बराय नमः
इस राशि का लक्ष्मी मन्त्रः- ऊँ क्लीं ऐं सौं
आपकी कन्या राशि है
तुला राशि वाले मनुष्य व शहर आप के धन के लिए शुभ है।
मकर राशि वाले मनुष्य व शहर आप के मानसिक शान्ति के लिए शुभ है।
वृष राशि वाले मनुष्य व शहर आप के भाग्य के लिए शुभ है।
मिथुन राशि वाले मनुष्य व शहर आप के व्यवसाय के लिए शुभ है।
कर्क राशि वाले मनुष्य व शहर आप के लाभ के लिए शुभ है।
